श्रद्धांजलि
[ 29.04.2020 ]
चले गए इरफ़ान !
साथ ले गए
कुछ
अंत:करण का
भर गए
रह गई खाली जगह को
एक भींगी हुई-सी भावना से
साधारण को
जो
असाधारण कर देती है
उस संभावना से !!
यहीं तो हैं ऋषि कपूर
[ 30.04.2020 ]
अमर होता है
मासूमियत शाश्वत
पुर-ज़ोर
हुआ जा सकता है
पुर-शोर
हुए बिना
अच्छा होना किसी का
बना रह सकता है...
बचा गए
कितने-कितने दिलों में यह भरोसा
चले तो गए हैं
मगर
यहीं तो हैं
ऋषि कपूर !!
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