रविवार, 26 अप्रैल 2026

फ़िल्मों के गीत-सा कुछ

फ़िल्मों के गीत-सा कुछ 



 

                 (1)

 

मेरे साथ चलने में तुमको मुश्किल बहुत है जानाँ

फिर और भी है मुश्किल  मेरी बात  को निभाना

 

रहे ग़म से मेरे ग़ाफ़िल, कहने   को हमसफ़र  हो

ज़ाया  गया  है  तुमसे   सब   हाल  कह सुनाना

 

मेरे  दायरे  में  सब  हैं,  तुम्हारा है  बस तुम्हारा

तुम   सोचते   नया  हो,  मेरा   सोचना   पुराना

 

बेहतर है चुप रहें हम, अब ख़ुद ही सब सहें हम

इक सिरफिरे की बातें,  बातों  का क्या ठिकाना

 

                (2)

 

अपने बारे में तुम कुछ कहा तो करो

मेरे बारे में तुम  कुछ  सुना  तो  करो

 

नुस्ख़े   चारागरी  के  जो  आते  नहीं

तो मिला तो करो, कुछ दुआ तो करो


दरम्याँ बात सब गोकि  खत्म हो गईं

आप अपने से तुम ख़ुश रहा तो करो

 

बात बढ़-बढ़ के करने का क्या फ़ायदा

मौक़े  पे   कभी  तो   मिला   तो  करो

 

सर झुकाना किसी को भी आ जायेगा

इल्तिजाा पे कभी  कुछ अता तो करो

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें