बिहार में कहीं...
साधो-माधो-बतकही
१
साधो !
हाँ, माधो !
हम क्या बोल रहे हैं, कोई सुनता ही नहीं है। देखता भी नहीं है। क्या करें ?
अरे कुछ मत करो । अपना ही आँख कान बंद कर लो।
उ तो ठीक है। लेकिन हमारा मुँह भी तो है ।
तो बोलो। बोल के देखिए लो।
बोलने का नहीं बोल रहे हैं। मुँह बनता भी जाता है।
😀☺😇🙂 ई सब का बात कर रहे हो?
हाँ, मने नहीं... । ऐसे में तो कुछ का कुछ हो जाए।
मने? अरे, EOD ( End of Day) हुआ, सब खत्तम ! पब्लिक को ड्यूटी निभाने से रोकना दंडनीय अपराध है।
लेकिन हमारा भी तो अधिकार है कुछ, कि नहीं ?
सर्कुलर दिखाओ !!

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