शनिवार, 27 जून 2026

छवियाँ


 

छवियाँ

1.        चुंबक-नयन 2.  मनमोहक  

 

चुंबक-नयन

 

मृगछौने-सी आँखें

निरीह

निश्छल

नदी का शांत शीतल जल

कल-कल

फिसल-फिसल

हँसी के खपड़े ने

बना दिए वलय

कितने-कितने

चमक उठीं आँखें

भर गई हलचल

 

ये आँखें

खुशी की पाखें हैं

ये आँखें

चुंबक की आँखें हैं !

 

**

मनमोहक

 

बउआ

तू गुड्डा लगता है

तू इतना अच्छा लगता है !

 

देख

तू कैसे बैठा है

मुड़-मुड़ के

किसको देखता है

 

तेरी आँखें

सबकुछ भाँपती हैं

तेरी आँखें

सबकुछ आँकती हैं

तेरी आँखें

आँखों में झाँकती हैं

 

हैं गुलथुल-से

तेरे गाल गजब

हैं केश गजब

है भाल गजब

तीखी तेरी है नाक गजब

हैं अधर गजब

तेरी साज गजब

 

बउआ

तू अच्छा लगता है

बच्चे-सा बच्चा लगता है

तू सब से अच्छा लगता है !

 

** 

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