1.
चुंबक-नयन 2.
मनमोहक
चुंबक-नयन
मृगछौने-सी आँखें
निरीह
निश्छल
नदी का शांत शीतल जल
कल-कल
फिसल-फिसल
हँसी के खपड़े ने
बना दिए वलय
कितने-कितने
चमक उठीं आँखें
भर गई हलचल
ये आँखें
खुशी की पाखें हैं
ये आँखें
चुंबक की आँखें हैं !
**
मनमोहक
बउआ
तू गुड्डा
लगता है
तू इतना अच्छा
लगता है !
देख
तू कैसे बैठा
है
मुड़-मुड़ के
किसको देखता
है
तेरी आँखें
सबकुछ भाँपती
हैं
तेरी आँखें
सबकुछ आँकती
हैं
तेरी आँखें
आँखों में
झाँकती हैं
हैं गुलथुल-से
तेरे गाल गजब
हैं केश गजब
है भाल गजब
तीखी तेरी है
नाक गजब
हैं अधर गजब
तेरी साज गजब
बउआ
तू अच्छा लगता
है
बच्चे-सा
बच्चा लगता है
तू सब से
अच्छा लगता है !
**
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