मुश्किल सच की खेती है
हिम्मत जवाब दे देती है
सच,मुश्किल सच की खेती है
समता सोने का पानी है
सच, वैमनस्य की रेती है
धीरे-धीरे रेत रही है
सच, सम्बन्धों की रेती है
प्रेम दया यह भाईचारा
सच, दुनिया बदला लेती है
दुनिया में सब है ठीक-ठाक
सच, दुनिया सपने सेती है
छन्द -२१
०७.११.२०२६
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