चित्र : इंटरनेट से साभार
तुमाई कसम !
जैसे यह पृथ्वी दो ध्रुवों वाली
फैन्स की दुनिया दो-ध्रुवी थी
सबातीनी के दीवानों,या
फ़िदा-ए-स्टेफ़ी ग्राफ़ की
जाने कितनी ऋतुएँ आईं-गईं
कितने मौसम बदले
मरहले
वही रहे, वही रहे
सर-ब-सर
दिलों में वही बसर अब तक
दिलों पर वही असर
न रत्ती कम
तुमाई कसम !!

इस कसम में दम है, वाकई !
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