शुक्रवार, 27 मार्च 2026

कृपासिंधु हैं राम



 ।। श्रीराम ।।


कृपासिंधु हैं राम धनुर्धारी


खेल-खिलौने बनके

जो खुद मिट्टी उनके

भरके हाथों बड़ी कलाकारी


जग के सब दग्ध-हृदय 

प्रति  उनके   न्याय  रहे

हैं वे समदर्शी शीतलकारी


शरणागतवत्सल हैं

क्षमाशील संबल हैं 

संशय दूर करें, भय में भयहारी 


युद्ध   टले,  हो   जब  तक

अन्तिम-अन्तिम पल तक

प्रयास सुखदायी जगहितकारी 


सुखधाम नाम हैं राम

मन निश्छल निष्काम

कर  सकें  जो, करें  वे  तैयारी

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