तरावट
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बानगी
एक क्लिक की बदौलत !
खास तुम्हारे लिए
विसंवादी
मुदा देख रहा हूँ
धूप तुम्हारे साथ है
तरावट (कविता-संग्रह)
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रविवार, 29 जुलाई 2018
बेटे ने
एक
तस्वीर बनाई है
जिसमें मैं हूँ
पूछती है तस्वीर
कि
मैं हूँ
तो कहाँ हूँ
मुब्तला हूँ कहाँ ?
तस्वीर
मुसव्विर हो गई है...
मैं
बिना-जवाब
बिना-पता
गुमशुदा
कहूँ
तो क्या ?!
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