तरावट
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बानगी
एक क्लिक की बदौलत !
खास तुम्हारे लिए
विसंवादी
मुदा देख रहा हूँ
धूप तुम्हारे साथ है
तरावट (कविता-संग्रह)
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शनिवार, 16 मई 2026
लेखक की भावुकता
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लेखक की दुनिया : कुछ गैरशास्त्रीय टिप्पणियाँ- १ लेखक की भावुकता लेखन प्रथमत: लेखक की प्रतिक्रिया है। किसी बात के प्रति,...
मंगलवार, 5 मई 2026
फिर कही बात...३
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फिर कही बात...3 (बतर्ज़े-ग़ज़ल) दर्द अपना बता कर क्या होगा अब किसी को रुला कर क्या होगा आइनों को हटा कर क्या होगा बेवजह मुस्कुरा कर ...
सोमवार, 4 मई 2026
ध्यातव्य
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ध्यातव्य : १ ( कुछ सोचने योग्य...) मन खुश हो तो बाकी ( नापसंद) बातें इग्नोर कर दी जाती हैं। बाकी ( नापसंद) बातों को इग्नोर कीजिए। मन खु...
रविवार, 3 मई 2026
फिर कही बात ...2
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फिर कही बात ...2 मन को तुम्हारे टटोले हुए हैं अब आँखें अपनी खोले हुए हैं रात और दिन का फ़र्क कुछ नहीं करेंगे वही जो बोले हु...
गुरुवार, 30 अप्रैल 2026
फिर कही बात...
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फिर कही बात... (कुछ छंद में बतर्ज़े-ग़ज़ल ) मुद्दा तो समीचीन है इधर पाक, उधर चीन है धुन वही आप ही की है जी, आपकी ही बीन है गौर से सु...
बुधवार, 29 अप्रैल 2026
श्रद्धांजलि
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श्रद्धांजलि चले गए इरफ़ान ! [ 29.04.2020 ] चले गए इरफ़ान ! साथ ले गए कुछ अंत:करण का भर गए रह गई खाली जगह को ...
मंगलवार, 28 अप्रैल 2026
नामाक्षरी
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नामाक्षरी ज ग में जो प्यारा हो ग रज कि तुम्हारा हो न् यारा हो , दुलारा हो ना हर तुम , दुनिया ये थ ल-थाना थारा हो *** सं...
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