तरावट
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बानगी
एक क्लिक की बदौलत !
खास तुम्हारे लिए
विसंवादी
मुदा देख रहा हूँ
धूप तुम्हारे साथ है
तरावट (कविता-संग्रह)
▼
रविवार, 29 जुलाई 2018
कभी ऐसे भी जीतूँ
कि रो पड़ूँ
इतना उठ जाऊँ
कि गिर पड़ूँ सजदे में
दुआ करना
उम्मीदों पर खरा उतरूँ
हर बार
बेहतर से बेहतरीन !
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