तरावट
पेज
(यहां ले जाएं ...)
बानगी
एक क्लिक की बदौलत !
खास तुम्हारे लिए
विसंवादी
मुदा देख रहा हूँ
धूप तुम्हारे साथ है
तरावट (कविता-संग्रह)
▼
गुरुवार, 2 जनवरी 2020
खिल उठती है धूप
सूरजमुखी को देख के
चमकने-दमकने लगते हैं
सूरजमुखी
खिली-खिली धूप में
संक्रामक
हो उठता है
माहौल खुशनुमा...
आओ
चलो
कुछ संक्रामक
करें हम भी
यूँ ही !
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें