तरावट
पेज
(यहां ले जाएं ...)
बानगी
एक क्लिक की बदौलत !
खास तुम्हारे लिए
विसंवादी
मुदा देख रहा हूँ
धूप तुम्हारे साथ है
तरावट (कविता-संग्रह)
▼
मंगलवार, 15 अक्टूबर 2019
चाँद के बहाने
शरद पूर्णिमा है
बरसती हुई
चाँदनी है
जहाँ
आँगन नहीं है
खीर
छत पे रखी है
खीर के
भगोने में
चलनी से
छन के
घुल जाएगा ,
अनगिनत शरीरों को
थोड़ा-थोड़ा-सा
लग जाएगा
चाँद
शरद पूर्णिमा का
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें